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पटना के मंदिरी इलाके में बढ़ सकता है प्रॉपर्टी टैक्स, नई सड़क को मिलेगी मुख्य सड़क की श्रेणी

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पटना के मंदिरी नाला पर बनी नई टू-लेन सड़क ‘नवीन किशोर सिन्हा पथ’ को मुख्य सड़क श्रेणी में शामिल करने की तैयारी है। इसके बाद इलाके में प्रॉपर्टी टैक्स करीब 33 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

पटना/आलम की खबर:पटना के मंदिरी इलाके में हाल ही में बनी नई टू-लेन सड़क ‘नवीन किशोर सिन्हा पथ’ अब शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल होने जा रही है। सड़क बनने से जहां लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिली है, वहीं अब इस इलाके के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना भी तेज हो गई है। नगर निगम प्रशासन इस सड़क को मुख्य सड़क की श्रेणी में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो आसपास के मकान मालिकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को करीब 33 प्रतिशत तक अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि इस संबंध में प्रस्ताव पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे नगर विकास एवं आवास विभाग के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। विभागीय मंजूरी के बाद सड़क की नई श्रेणी लागू हो जाएगी और उसी के आधार पर संपत्तियों का नया टैक्स निर्धारण किया जाएगा।

दरअसल पटना में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए मंदिरी नाला को ढककर उसके ऊपर आधुनिक टू-लेन सड़क का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना को पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत विकसित किया गया। करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क ने मंदिरी और आसपास के इलाकों की तस्वीर बदल दी है। सड़क बनने के बाद अब इस इलाके में यातायात पहले की तुलना में काफी सुगम हो गया है।

इस नई सड़क का उद्घाटन 11 मई को किया गया था। सड़क का नाम पूर्व विधायक, राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सम्राट चौधरी के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा के नाम पर रखा गया। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि सड़क बनने के बाद यह इलाका तेजी से व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। यहां आने वाले समय में बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित होने की संभावना है।

अब सड़क को मुख्य सड़क की श्रेणी में शामिल किए जाने की चर्चा ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नगर निगम के नियमों के अनुसार शहर की सड़कों को उनकी चौड़ाई के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। इन्हीं श्रेणियों के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स की दरें तय की जाती हैं।

नगर निगम के अनुसार 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़कें ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में आती हैं। वहीं 20 से 40 फीट चौड़ी सड़कों को ‘मुख्य सड़क’ माना जाता है, जबकि 20 फीट से कम चौड़ी सड़कों को ‘अन्य सड़क’ श्रेणी में रखा जाता है। सड़क की श्रेणी बदलने के बाद उस क्षेत्र की जमीन और भवनों का टैक्स भी उसी हिसाब से बढ़ जाता है।

मंदिरी इलाके के लोगों का कहना है कि सड़क बनने से इलाके का विकास जरूर हुआ है, लेकिन टैक्स बढ़ने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का मानना है that मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। कई लोगों का कहना है कि पहले ही बिजली, पानी और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ साबित होगी।

हालांकि नगर निगम और शहरी विकास विभाग का तर्क है कि सड़क बनने से इलाके की कनेक्टिविटी और जमीन की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। ऐसे में टैक्स संरचना में बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया है। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर सड़क, ड्रेनेज और ट्रैफिक सुविधा मिलने से स्थानीय लोगों को भी लंबे समय में फायदा होगा।

यह सड़क नेहरू पथ यानी बेली रोड पर स्थित तारामंडल इलाके से शुरू होकर आगे जेपी गंगा पथ तक जाएगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 1289 मीटर बताई जा रही है। परियोजना को पूरी तरह तैयार करने में करीब पांच साल का समय लगा। योजना के तहत सड़क को मार्च 2027 तक जेपी गंगा पथ से पूरी तरह जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी पटना के कई इलाकों में आवागमन और आसान हो जाएगा। इसका फायदा पश्चिमी पटना के दीघा घाट, एलसीटी घाट और पूर्वी हिस्से में पीएमसीएच, कृष्णा घाट, गायघाट, कंगनघाट, गुरुद्वारा और दीदारगंज जैसे इलाकों तक पहुंचने वाले लोगों को मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क परियोजनाओं के बाद आसपास की संपत्तियों का बाजार मूल्य तेजी से बढ़ता है। यही वजह है कि नगर निगम सड़क की नई श्रेणी तय कर टैक्स में संशोधन करता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि टैक्स बढ़ाने से पहले स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

फिलहाल अब सबकी नजर पटना नगर निगम बोर्ड की आगामी बैठक पर टिकी है। बैठक में यदि प्रस्ताव पारित हो जाता है तो मंदिरी इलाके के हजारों लोगों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। सड़क बनने से जहां विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है, वहीं टैक्स बढ़ोतरी की आशंका ने स्थानीय लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

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